शिव के मस्तक शव की धूली ये धरा श्मशान है / खेलो रे खेलो रंगों की होरी ये धरा श्मशान है ...!!
काव्य लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
काव्य लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
शुक्रवार, 27 जुलाई 2018
फलसफे ... !!
Labels:
कविता,
काव्य,
गीत,
दर्शन,
नीति,
शास्त्र,
सामाजिक चित्रण,
साहित्य,
Hindi Poetry,
Kavya,
Philosophy
शुक्रवार, 20 जुलाई 2018
बन्दे .... !!
Labels:
कविता,
काव्य,
गीत,
सामाजिक चित्रण,
साहित्य,
Hindi Poetry,
Kavya,
Life,
Philosophy,
Poetry,
Reality of Life
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ (Atom)

